डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ ने कोविड-19 की मानव निर्मित उत्पत्ति को खारिज किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के रूसी वायरोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ दिमित्री लवोव ने कहा कि कोविड-19 की कृत्रिम उत्पत्ति पर चिंता का कोई महत्व नहीं है।

World Health Organization
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (WHO) (Wikimedia Commons)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (WHO) के रूसी वायरोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ दिमित्री लवोव ने कहा कि कोविड-19 की कृत्रिम उत्पत्ति पर चिंता का कोई महत्व (वैल्यू) नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस (Corona Virus) मुख्य रूप से चमगादड़ से जुड़े वायरस हैं। कोई व्यक्ति या तो उस कमरे में संक्रमित हुआ हो सकता है, जहां किसी चमगादड़ ने रात बिताई होगी या फिर ऐसी एक गुफा में, जहां चमगादड़ आमतौर पर बड़ी संख्या में रहते हैं।

Corona Virus
कोरोनावायरस (Corona Virus) मुख्य रूप से चमगादड़ से जुड़े वायरस हैं। (Pixabay)

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न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते एक रूसी टेलीविजन कार्यक्रम में लवोव ने बताया कि जंगली जानवरों को पालतू बनाने के दौरान जानवरों से मनुष्यों में लगभग 150 वायरस पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि जब एक व्यक्ति ऐसे किसी जानवर का कोई मांस खाता है, जिसका चमगादड़ के साथ पारिस्थितिक संबंध होता है, तो इस प्रकार संक्रमण का पहला स्रोत बन जाता है। (आईएएनएस-SM)

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