राम मंदिर के निर्माण से बदल जाएगा अयोध्या का अर्थतंत्र : पीएम मोदी

मोदी ने मयार्दाओं के साथ राम मंदिर का निर्माण होने की बात कही। उन्होंने कहा, "कोरोना से बनी स्थितियों के कारण भूमिपूजन का ये कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है।

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अयोध्या में भूमि पूजन के बाद भाषण देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Image: BJP, Twitter)

By: Navneet Mishra

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को विकास से जोड़ते हुए कहा कि इस मंदिर के बनने के बाद अयोध्या की सिर्फ भव्यता ही नहीं बढ़ेगी, इस क्षेत्र का पूरा अर्थतंत्र भी बदल जाएगा। यहां हर क्षेत्र में नए अवसर बनेंगे, हर क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे।

दरअसल, प्रधानमंत्री ने इन बातों के जरिए अयोध्या को एक बड़ी पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित करने के संकेत दिए। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवधपुरी को दुनिया के वैभवशाली नगरी के रूप में विकसित करने का संकल्प लेने की बात कही।

राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को करीब एक घंटे के भाषण में मंदिर निर्माण के सांस्कृतिक, धार्मिक पक्ष के साथ ही इसके आर्थिक पक्ष पर भी बात की। उन्होंने कहा, “सोचिए, पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे, पूरी दुनिया प्रभु राम और माता जानकी का दर्शन करने आएगी। इससे नए अवसर बनेंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान यह बताने की कोशिश की कि किस तरह से मंदिर बनने से तमाम आर्थिक अवसरों के द्वार खुलेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि श्रीराम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला भव्य राममंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का प्रतीक होगा और वह अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान राम मंदिर की विशेषताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “राम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा, हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा, और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा।”

मोदी ने मयार्दाओं के साथ राम मंदिर का निर्माण होने की बात कही। उन्होंने कहा, “कोरोना से बनी स्थितियों के कारण भूमिपूजन का ये कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है। श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए, देश ने वैसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी मर्यादा का अनुभव हमने तब भी किया था जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। हमने तब भी देखा था कि कैसे सभी देशवासियों ने शांति के साथ, सभी की भावनाओं का ध्यान रखते हुए व्यवहार किया था। आज भी हम हर तरफ वही मर्यादा देख रहे हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर को प्रेम और भाईचारे से जोड़ा। उन्होंने कहा, “प्रभु श्रीराम ने हमें विरोध से निकलकर, बोध और शोध का मार्ग दिखाया है! हमें आपसी प्रेम और भाईचारे के जोड़ से राममंदिर की इन शिलाओं को जोड़ना है। (आईएएनएस)

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