सीआरपीएफ तैयार करेगी 500 हाई-टेक विशेषज्ञों की टीम

सीआरपीएफ एक प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल है और अब इसने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्नातक की डिग्री रखने वाले 500 अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का फैसला किया है।

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सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल डॉ. ए.पी.माहेश्वरी। (IIT Delhi, Twitter)

जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ नक्सली प्रभावित राज्यों में अनेक चुनौतियों का सामना करने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपनी प्रौद्योगिकी से संबंधित कुशलता को बढ़ाने के लिए उच्च प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों का एक पूल बनाने की योजना बनाई है, ताकि उसके अधिकारी अभूतपूर्व स्थितियों से निपटने में और अधिक सक्षम हो सकें।

अर्धसैनिक बल के जवानों को देश के विभिन्न हिस्सों में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए तैनात किया जाता है। सीआरपीएफ तीन लाख से अधिक कर्मियों के साथ राष्ट्र का एक प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल है और अब इसने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्नातक की डिग्री रखने वाले 500 अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का फैसला किया है।

सीआरपीएफ के 40 इंजीनियरिंग स्नातक अधिकारियों और इनके अधीनस्थ अधिकारियों के एक अग्रणी बैच को सही योग्यता और क्षमता के साथ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के सतत शिक्षा कार्यक्रम के तहत तीन से छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स से गुजरना होगा।

मीटिंग में सीआरपीएफ के डि.गी एवं आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर और डीआरडीओ के अधिकारी। (IIT Delhi, twitter)

सीआरपीएफ ने कहा कि तकनीक के साथ बढ़ती चुनौतियों और व्यस्तता के बीच इस कदम की जरूरत है। सुरक्षा बल ने जोर देकर कहा कि उसे न केवल सबसे हालिया तकनीकों और गैजेट्स के साथ, बल्कि अपने कर्मियों की ओर से आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता के साथ भी अपडेट रहने की जरूरत है।

सीआरपीएफ के डीआईजी एम. धीनाकरन ने आईएएनएस को बताया, “यह सीआरपीएफ कर्मियों को अद्वितीय कौशल, क्षमताओं और ज्ञान से लैस करेगा, ताकि जटिल चुनौतियों से निपटा जा सके और परिचालन (ऑपरेशनल) एवं रणनीतिक जरूरतों को पूरा किया जा सके।”

इसके अलावा अधिकारी ने कहा कि इस प्रशिक्षित बैच के कुछ चुनिंदा अधिकारी आईआईटी-दिल्ली में उच्च डिग्री पाठ्यक्रम से गुजरेंगे। उन्होंने कहा, “ये प्रशिक्षित अधिकारी बल के तकनीकी सलाहकार के रूप में भी काम करेंगे।”

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आईआईटी-दिल्ली की ओर से प्रशिक्षित सीआरपीएफ के अधिकारी रक्षा और सुरक्षा तकनीकी समाधान के क्षेत्र में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और आईआईटी-दिल्ली की ओर से किए गए संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं से भी जुड़े होंगे।

एक अन्य अधिकारी के अनुसार, सुरक्षा बल ने अपने मुख्य कार्यो में इन्हें अपनाते हुए नवीनतम तकनीकों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।

उनके अनुसार, यह पहल ‘अपने अधिकारियों के बीच अत्यधिक विशिष्ट प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों का एक पूल बनाने’ का प्रयास है।

इसके लिए शनिवार को सीआरपीएफ और आईआईटी-दिल्ली एवं डीआरडीओ के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।(आईएएनएस)

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