कोरोना काल में दंपत्ति ने 49 दिन मेहनत कर बना लिया दो मंजिला आवास

सुशीला देवी ने बताया कि वे पीएम मोदी से संवाद करने को लेकर वो काफी उत्साहित हैं। उन्होंने पीएम आवास योजना के तहत दो मंजिला घर बना दिया।

House construction in 49 days
49 दिन के मेहनत के बाद दम्पति ने तैयार किया दो मंज़िला घर। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

By: संदीप पौराणिक

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक मजदूर दंपत्ति ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। इस दंपत्ति ने कोरोना काल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगातार 49 दिन तक मेहनत की और दो मंजिला मकान बना लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दंपत्ति से संवाद भी करने वाले हैं।

बैतूल जिले के उड़दन गांव का रहने वाला है मजदूर दंपत्ति सुशीला देवी और सुभाष। इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेढ लाख रूपये की राशि मिली। वे इस राशि से बड़ा मकान बनाना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने खुद ही मजदूरी कर आवास बनाने का फैसला लिया, ताकि मजदूरी के पैसे को बचाया जा सके। फि र क्या था दोनों अपने मिशन में जुट गए।

यह भी पढ़ें: एक ऐसा ग्रेनेड जो महिलाओं को मुसीबत से बचाएगा

वैसे तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि से दो कमरे और शौचालय आदि ही बना पा रहे हैं, मगर इस दंपत्ति का मकान दो मंजिला तो है ही साथ में लुभावना भी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के पीएम आवास हितग्राहियों के साथ वर्चुअल संवाद कर रहे हैं। प्रधनमंत्री 12 सितंबर को उन हितग्राहियों से बात करेंगे जो गृह प्रवेश करेंगे। इस दौरान वे बैतूल के मजदूर दंपति सुशीला देवी और सुभाष से भी बात करेंगे, क्योंकि दोनों ने पीएम आवास योजना के तहत अपना घर खुद ही बनाया है।

street vendors story of self dependence
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (फ़ाइल फोटो, PIB)

सुशीला देवी ने बताया कि वे पीएम मोदी से संवाद करने को लेकर वो काफी उत्साहित हैं। उन्होंने पीएम आवास योजना के तहत दो मंजिला घर बना दिया, जिसमें तीन बड़े कमरे, दलान, किचन और उसके साथ छोटा सा बगीचा शामिल है।

पुराने दिनों को याद करते हुए सुशीला बताती हैं कि पहले वे कच्चे घरों में रहते थे। इस दौरान जब बारिश होती थी तो छप्पर से पानी गिरता था। इसकी वजह से घर में पानी भर जाता था और पूरा परिवार परेशान होता था। इतना ही नहीं कमान कमजोर होने के कारण गिरने का भी डर सताता था। लेकिन पीएम आवास योजना के तहत घर बनने से उनकी ये कठिनाई दूर हो गई है, अब उन्हें सिर्फ बच्चों का भविष्य संवारना है।

यह भी पढ़ें: घर से काम करते हुए भारतीयों ने बचाए कितने रुपये?

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम एल त्यागी ने बताया कि हितग्राही ने जिस तरह खुद मेहनत कर आवास तैयार किया वह काबिले तारीफ है। उनकी मेहनत की वजह से उन्हें 13 अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। दंपत्ति के इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री से उनका संवाद होने वाला है।(आईएएनएस)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here